ias dm collector kya hai / आईएएस डीएम और कलेक्टर क्या होता है 

ias dm collector kya hai / आईएएस डीएम और कलेक्टर क्या होता है 

ias dm collector kya hai क्या आप जानना चाहते हैं कि ias डीएम और कलेक्टर क्या होता है या आईएएस क्या होता है आईएस अलग होता है या कलेक्टर अलग होता है यह दोनों एक ही होते हैं अगर एक होते हैं तो इनको सैलरी कितनी मिलती है और यह कैसे बनते हैं अगर आपके मन में यह सारे सवाल हैं और आप इन सब के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं तो इस आर्टिकल में लास्ट तक बने रहें क्योंकि हम हमारे इस आर्टिकल में आपको इन सब के बारे में विस्तार से बताएंगे

 आईएएस क्या होता है

दोस्तों अगर आईएएस की बात की जाए तो आईएस को हम Indian Administrative Service. के नाम से भी जानते हैं और इसे हिंदी में भारतीय प्रशासनिक सेवा कहा जाता है और 1946 में पहली बार भारत में या सेवा प्रदान की गई थी इसके इससे इसे 1883 से 1946 आईएमएस नाम से जाना जाता था और केंद्र और राज्य के जितने भी उच्च पद होते हैं उन सभी पर एक आईएएस अधिकारी होता है और आईएएस बनने के लिए आपको यूपीएससी का एग्जाम क्लियर करना होता है यूपीएससी का एग्जाम हर वर्ष केंद्र सरकार द्वारा आयोजित किया जाता है जिसमें लाखों विद्यार्थी भाग लेते हैं

आईएएस और कलेक्टर क्या होते हैं क्या यह एक ही होते हैं

कलेक्टर की बात की जाए तो एक आईएएस अफसर ही कलेक्टर या जिलाधिकारी बनता है कलेक्टर का पद होता है जो किसी भी जिले में सबसे बड़ा पद होता है और इसी पद के नीचे उस जिले के सारे सरकारी अधिकारी काम करते हैं और कलेक्टर के द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास चिकित्सा अल्पसंख्यक कल्याण महिला अधिकारिता भू संरक्षण शिक्षा श्रम कल्याण पशुपालन सहकारिता सिंचाई सार्वजनिक निर्माण आदि कार्यक्रमों की नीतियों का क्रियान्वयन कलेक्टर के द्वारा ही किया जाता है और कलेक्टर जिला मजिस्ट्रेट के रूप में भी पुलिस अधीक्षक के साथ कानून व्यवस्था को बनाए रखने तथा सभी तरह के चुनाव का मुख्य प्रबंधन करता है और कलेक्टर का प्रमुख काम प्राकृतिक आपदा प्रबंधक भू राजस्व खाद आपूर्ति व्यवस्था जन समस्या वितरण करना भी होता है

 आईएएस बनने के लिए योग्यता

आईएएस बनने के लिए आपको यूपीएससी का एग्जाम देना होता है और इसे एग्जाम देने के लिए आपके लिए कुछ योगदान होना जरूरी है जैसे कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाला भारत का नागरिक होना चाहिए और वह किसी भी सरकारी मान्यता प्राप्त कॉलेज से ग्रेजुएशन कर चुका हूं अगर फॉर्म भरने तक बह फाइनल ईयर में है तो उसे पेपर देने से पहले अपना ग्रेजुएशन कंप्लीट करना होता है उसकी उम्र 21 वर्ष से 32 वर्ष के बीच में होना चाहिए अलग-अलग कैटेगरी के लिए अलग-अलग है जैसे कि एससी एसटी और ओबीसी को 5 और 3 साल की छूट मिलती है लेकिन जनरल केटेगरी को 32 बर्ष  है

इस परीक्षा की बात की जाए तो इसमें सामान्य वर्ग के विद्यार्थी मात्र छह बार भाग ले सकते हैं जबकि ओबीसी वालों को यह बढ़कर 9 बार मिलता है और एससी और एसटी वालों को इनमें अनगिनत परीक्षा दे सकते हैं

डीएम क्या है

डीएम का मतलब होता है डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट यानी कि वह व्यक्ति जो आईएएस होता है और इसके लिए जरूरी नहीं कि वो यूपीएससी क्लियर करने वाला ही हो हो सकता है स्टेट लेवल पर पीएससी के द्वारा भी इस पद को पाया जा सकता है

जिला अधिकारी क्या होता है

जिलाधिकारी की बात की जाए तो यह भी एक ias अफसर यानी कि डीएम ही होता है इसको हम अलग अलग नाम से जानते हैं इसीलिए सब को या अलग अलग नाम से होता है लेकिन यह एक ही होता है जिलाधिकारी भारतीय प्रशासनिक सेवा का प्रमुख पद होता है जिसे हम अंग्रेजी में डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर डीएम या कलेक्ट नाम से भी जानते हैं और भारत में हर जिले के लिए कलेक्टर होता है और

कलेक्टर क्या होता है

अगर सिंपल भाषा में बात की जाए तो कलेक्टर डीएम आईएएस सभी एक ही होते हैं और इन्हें पढ़ने के लिए आपको यूपीएससी का एग्जाम देना होता है और यूपीएससी की जो टॉप रैंक हासिल करते हैं वहां आईएएस ऑफिसर ही डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट बनते हैं लेकिन डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट बनने से पहले उन्हें sdm बनना पड़ता है और इसके बाद कुछ समय बाद dm बनाया जाता है हर जगह लोग इसे अलग अलग नाम से जानते हैं इसीलिए आप इसमें कभी भी कंफ्यूज ना हो डीएम कलेक्टर और आईएएस ऑफिसर एक ही होता है और यह प्रत्येक जिले का प्रमुख होता है इसके अंदर ही जिले की प्रमुख शक्तियां आती है यानी कि जिले की अपराध व्यवस्था को इन्हीं के द्वारा देखा जाता है

आईएएस डीएम और कलेक्टर एक ही होते हैं

आईएसएस  डीएम और कलेक्टर की बात की जाए तो इनके नाम अलग-अलग हैं इसीलिए बहुत सारे लोग इन में परेशान होते हैं आपको साधारण सी भाषा में बताते हैं कि यह सभी एक ही है जैसे गंगाधर ही शक्तिमान था उसी प्रकार यह भी एक ही इंसान के अलग-अलग नाम है

collector se bada kaun hota hai

अगर कलेक्टर से ऊपर की बात की जाए तो जिले में सबसे बड़ा कलेक्टर होता है वह कलेक्टर से बड़ा जिले में कोई भी अधिकारी नहीं होता और यह रैंक काफी बड़ी रैंक होती है

dm bada hota hai ya collector

डीएम और कलेक्टर एक ही होते हैं इसलिए इनमें बड़े और छोटे का कोई सवाल ही नहीं होता यह एक ही इंसान के दो अलग-अलग नाम है

collector ki salary

कलेक्टर की सैलरी की बात की जाए तो कलेक्टर को शुरुआती सैलरी ₹56000 मिलती है और इसके बाद या बढ़ते बढ़ते ढाई लाख रुपए तक हो जाती है

ias deepak rawat 

सबसे ज्यादा पॉपुलर डीएम की बात की जाए तो उसमें सबसे पहले नाम आता है दीपक रावत का दीपक रावत उत्तराखंड के हरिद्वार में डीएम के पद पर कार्यरत हैं और उन्हें कुंभ के लिए मेला अधिकारी भी बनाया गया है यह  सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा पॉपुलर डीएम में गिने जाते हैं और दीपक रावत का एक यूट्यूब चैनल भी है जिसका नाम आईएएस दीपक रावत है वह अक्सर इस चैनल पर अपनी वीडियो डालते रहते हैं उनके चैनल पर लगभग 4 मिलियन subscriber हैं

ias dm collector kya hai / आर्टिकल कैसा लगा 

दोस्तों हमने हमारे इस आर्टिकल ias dm collector kya hai में आपको बताया है कि आईएएस कलेक्टर और डीएम क्या होता है अगर आपको हमारे द्वारा लिखा आर्टिकल अच्छा लगता है और आपको लगता है कि इससे आपको कोई नई जानकारी सीखने को मिली है तो इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और हमें कमेंट करके जरूर बताएं आपको हमारे द्वारा लिखा आर्टिकल कैसा लगा धन्यवाद

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